
उत्तर प्रदेश में बना महत्वाकांक्षी राम वन गमन पथ अपने आधिकारिक उद्घाटन से पहले ही विवादों में आ गया है। अयोध्या से चित्रकूट तक भगवान राम के वनवास मार्ग को दर्शाने वाले इस 4,440 करोड़ रुपये के कॉरिडोर में कई जगहों पर सड़क धंस गई है और बड़ी दरारें सामने आई हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
श्रृंगवेरपुर धाम में सड़क धंसी
प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम में लखनऊ लिंक रोड और गंगा पुल के बीच, महज 100 मीटर के दायरे में, चार अलग-अलग स्थानों पर सड़क बारिश के बाद धंस गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को इस हिस्से पर यातायात रोकना पड़ा।
चित्रकूट में भी समस्या
चित्रकूट के रामपुरिया के पास भी ऐसी ही समस्या देखी गई। यहां 50 मीटर के स्ट्रेच में कम से कम पांच बड़ी दरारें और गड्ढे पाए गए — जबकि इस हिस्से का 11 किलोमीटर से भी कम काम अभी पूरा हुआ था।
ठेकेदार कंपनी पर सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों को ठेकेदार कंपनी PNC Infratech से सवाल पूछने से रोका गया। गौरतलब है कि यही कंपनी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर भी NHAI की जांच के घेरे में है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से सीधा सवाल पूछा है कि जब सड़क आम जनता के लिए खुली भी नहीं थी, तो फिर वो पहले ही कैसे क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों ने स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट की मांग की है ताकि कॉम्पैक्शन स्टैंडर्ड्स, ड्रेनेज सिस्टम और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच हो सके।
बड़ा सवाल
एक धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के इस प्रोजेक्ट पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, ऐसे में निर्माण कार्य में इतनी लापरवाही क्यों दिखी — ये सवाल अब प्रशासनिक जांच का विषय बन गया है। फिलहाल, अधिकारी सैंपल लेकर जांच की बात कर रहे हैं, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई होगी या नहीं, ये देखना बाकी है।
राम वन गमन पथ अभी अपने उद्घाटन से पहले ही सुर्खियों में है — लेकिन गलत वजहों से।
